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यजनची दिवाळी सातपुड्यातील वनवासी बांधवांसोबत

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मुझ से मिलने का नया स्थान - कक्षा कौमुदी

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आगे से सारी सामग्री -  कक्षा कौमुदी   पर मिलेंगी। संस्कृत के पाठ्यपुस्तक तथा संस्कृत व्याकरण की हर जानकारी कक्षा कौमुदी पर मौजूद रहेगी। लिंक यहां है -  https://kakshakaumudi.blogspot.com/ साथ ही साथ यूट्यूब पर भी मैं मेरे प्रिय छात्रों की मदद के लिए हर वक्त रहूंगा। यूट्यूब वाहिनी का भी नाम कक्षा कौमुदी ही है। लिंक यहां है - https://www.youtube.com/channel/UCv_Dc0bhw2N-UfhfNigxzRw और कक्षा कौमुदी फेसबुक पेज भी - https://www.facebook.com//?modal=admin_todo_tour Share This -

व्यायामः सर्वदा पथ्यः

३. व्यायामः सर्वदा पथ्यः। कक्षा दशमी।  शेमुषी। अष्टम श्लोक - व्यायामो हि सदा पथ्यः बलिनां स्निग्धभोजिनाम्। स च शीते वसन्ते च तेषां पथ्यतमः स्मृतः॥८॥ शब्दार्थ - व्यायामः - परिश्रम,  मेहनत हि - एक अव्यय पद सदा -  सर्वदा।  सदैव। हमेशा पथ्यः -  हितकरः। फायदेमंद बलिनाम् - बलवान लोगों का ( यहां -  बलवान लोगों के लिए) स्निग्धभोजिनाम् - स्निग्ध पदार्थ खाने वाले लोगों का (यहां - के लिए) सः - वह च - और शीते - ठंडी में वसन्ते - वसंत ऋतु में च - और तेषाम् - उनका (यहां - उनके लिए) पथ्यतमः - सबसे ज्यादा फायदेमंद स्मृतः -  माना गया है अन्वय - स्निग्धभोजिनां बलिनां हि व्यायामः सदा पथ्यः (अस्ति)। शीते च वसन्ते च सः तेषां पथ्यतमः स्मृतः। जो लोग स्निग्ध पदार्थों का भोजन करते हैं, बलवान होते हैं उनके लिए तो व्यायाम हमेशा फायदेमंद है।  ठंडी में और वसंत ऋतु में वह (यानी व्यायाम) उनके लिए  सबसे ज्यादा फायदेमंद माना गया है। स्निग्धभोजी -  यानी स्निग्ध पदार्थों का भोजन करने वाला। स्निग्धभोजिनः - स्निग्ध भोजन करने वाले। यह बहुवचन है। स्...
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वाच्यपरिवर्तनम् मित्रों। वाच्यपरिवर्तन सरलता से सिखाने के लिए हमारे द्वारा यूट्युब पर वीडिओ अपलोड किए गए हैं। भाग १ भाग २

नमस्ते।

पुनः एकदा।

प्रारम्भः।

श्री गणेशाय नमः। नमस्ते।